व्याकुल न होना

गीत रचयित : फादर एस. जे. बर्कमैन्स
Lyricist: Father.S.J. Berchmans

व्याकुल न होना (2)
क्या खाऊँ जीवन में,
क्या पहनु ये तन में – ऐसे

  1. देखो उडते चिडियों को
    बोते नही काटते नही,
    परमपिता खिलाता उन्हे
    भूलेगा क्या बेटा / बेटी तुम्हे।
    व्याकुल न …
  2. चिन्ता करने से
    बढा नही पाएगें,
    न एक पल भी आयु को
    और नया बल न पाएंगें।
  3. कल की चिन्ता में
    न त्यागो ईमान,
    खोलेगा कल रास्ता
    कर तू अभी धन्यवाद।
  4. खोजोगे पहले धर्म
    और राज उसके,
    पूरा करेगा वो
    जरूरते सब तेरी।

VYAKUL NA HONA

VYAKUL NA HONA (2)
KYA KHAOON JEEVAN ME,
KYA PAHANU YE TAN ME – AISE

  1. DEKHO UDTE CHIDIYON KO
    BOTE NAHI KAATTE NAHI,
    PARAMPITA KHILATA UNHE
    BHULEGA KYA BETA/BETI TUMHE!
    VYAKUL NA …
  2. CHINTA KARNE SE
    BADA NAHI PAAYENGE,
    NA EK PAL BHI AAYU KO
    AUR NAYA BAL NA PAAYENGE!
  3. KAL KI CHINTA ME
    NA TYAGO IMAAN,
    KHOLEGA KAL RAASTA
    KAR TU ABHI DHANYAWAAD!
  4. KHOJOGE PAHLE DHARM
    AUR RAAJ USKE,
    PURA KAREGA WO
    ZARURATEIN SAB TERI!

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