गीत रचयित : फादर एस. जे. बर्कमैन्स
Lyricist: Father.S.J. Berchmans
व्याकुल न होना (2)
क्या खाऊँ जीवन में,
क्या पहनु ये तन में – ऐसे
- देखो उडते चिडियों को
बोते नही काटते नही,
परमपिता खिलाता उन्हे
भूलेगा क्या बेटा / बेटी तुम्हे।
व्याकुल न … - चिन्ता करने से
बढा नही पाएगें,
न एक पल भी आयु को
और नया बल न पाएंगें। - कल की चिन्ता में
न त्यागो ईमान,
खोलेगा कल रास्ता
कर तू अभी धन्यवाद। - खोजोगे पहले धर्म
और राज उसके,
पूरा करेगा वो
जरूरते सब तेरी।
VYAKUL NA HONA
VYAKUL NA HONA (2)
KYA KHAOON JEEVAN ME,
KYA PAHANU YE TAN ME – AISE
- DEKHO UDTE CHIDIYON KO
BOTE NAHI KAATTE NAHI,
PARAMPITA KHILATA UNHE
BHULEGA KYA BETA/BETI TUMHE!
VYAKUL NA … - CHINTA KARNE SE
BADA NAHI PAAYENGE,
NA EK PAL BHI AAYU KO
AUR NAYA BAL NA PAAYENGE! - KAL KI CHINTA ME
NA TYAGO IMAAN,
KHOLEGA KAL RAASTA
KAR TU ABHI DHANYAWAAD! - KHOJOGE PAHLE DHARM
AUR RAAJ USKE,
PURA KAREGA WO
ZARURATEIN SAB TERI!
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