परमप्रधान के छाया में
गीत रचयित : फादर एस. जे. बर्कमैन्स
Lyricist: Father.S.J. Berchmans
परमप्रधान के छाए स्थान बैठा हूँ मैं,
सर्वशक्तिमान के छाया में रहता हूँ मैं – (2)
मुक्ति का सींग दृढ गढ़ है,
भरोसे मंद प्रभु मेरे – (2)
- महामारी से मुझको तु बचाएगा,
बहेलिये के जाल से छुड़ाएगा – (2)
चट्टान तु है मेरी,
मेरी ढाल भी तु ही है – (2) - सृजनहार तु मेरा सहारा है,
हे पवित्र तु ही मेरा रक्षक है – (2)
विपत्ति ना पड़ेगी,
कोई रोग न छुएगा – (2) - मार्गो में दुतों की रक्षा हैं,
पाव को पत्थर से सुरक्षा हैं – (2)
नाग को कुचलेगा,
सिंहो को लताड़ेगा – (2)
PARAMPRADHAAN KE CHAYE
PARAMPRADHAN KE CHAAYE STHAN BAITHA HU ME,
SARVASAKTIMAAN KE CHAAYA ME REHTA HU ME – (2)
MUKTI KA SEENG DHRUD GAD HAI,
BHAROSE MAND PRABHU MERE – (2)
- МАНAMARI SE MUJHKO TU BACHAYEGA,
BAHELIYE KE JAAL SE CHUDAYEGA – (2)
CHATTAN TU HAI MERI,
MERI DHAL BHI TU HI HAI – (2) - SRUJANHAR TU MERA SAHARA HAI,
HE PAVITRA TU HI MERA RAKSHAK HAI – (2)
VIPATTI NA PADEGI,
KOI ROG NA CHUYEGA – (2) - MARG MEIN DUTON KI RAKSHA HAI,
PAAV KO РАTНAR SE SURAKSHA HAI – (2)
NAAG KO KUCHLEGA,
SINHO KO LATADEGA – (2)
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